जम्मू-कश्मीर ने मनाई पाकिस्तान के साथ ईद, हिंसा-तोड़फोड़ और पाकिस्तानी झंडे लहराए

07 Jul 16
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Published in Daily Fix

जम्मू-कश्मीर ने मनाई पाकिस्तान के साथ ईद, हिंसा-तोड़फोड़ और पाकिस्तानी झंडे लहराए. व्यापक हिंसा और खूनखराबे वाले रमज़ान के बाद ईद पर भी जम्मू-कश्मीर में ज़बर्दस्त हिंसा और तोड़फोड़ हुई तथा पाकिस्तान के झंडे भी लहराए गए. 

 

कश्मीर में ईद की नमाज के बाद हिसंक झड़प

देशभर में गुरुवार को ईद मनाई जा रही है लेकिन जम्मू-कश्मीर में बुधवार को ही ईद मनाई गई। राज्य के अधिकतर स्थानों पर शांतिपूर्ण हर्षोल्लास के माहौल में ईद मनाई गई। लेकिन घाटी में कई स्थानों पर उपद्रवियों ने विरोध प्रदर्शन किया और सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की। इस दौरान एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित छह लोग घायल हो गए।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अनंतनाग जिले के जंगलात मंडी में पथराव के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुबाशिर बुखारी को पेट में चोटें आईं। उन्होंने बताया कि श्रीनगर के बाहरी हिस्से में हैदरपुरा चौक पर प्रदर्शनकारियों के साथ हुई झड़प में एक कांस्टेबल घायल हो गया।

अधिकारी के मुताबिक, श्रीनगर स्थित ईदगाह के निकट सफाकदल में हुई झड़पों में एक स्थानीय पत्रिका के एक फोटो पत्रकार समेत चार लोग घायल हुए हैं। यहां पथराव कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को रबर की गोलियां और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। सभी घायलों को निकट के एसएमएचएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारी ने बताया कि पथरबाजी करने वाले कई युवकों ने चेहरे को कपड़े से ढका हुआ था। उन्होंने पाकिस्तानी झंडे भी लहराए।

अधिकारी ने बताया कि घाटी के बाकी हिस्सों में स्थिति सामान्य है। उन्होंने बताया कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक को नजरबंद कर दिया है। उनकी मौजूदगी से हिंसा और भड़कने की आशंका थी।

गौरतलब है कि मंगलवार को ही महबूबा सरकार ने पथरबाजी करने के आरोपी 634 लोगों को रिहा किया है। इनपर दर्ज 104 मामले भी वापस ले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने 2008 से 2014 के बीच पथरबाजी के दर्ज मामलों की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसी समिति की सिफारिश के आधार पर 2008 की घटनाओं में संलिप्त इन 634 लोगों को राहत दी गई है।

(साभार लाइव हिन्दुस्तान) 

 

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