स्मृति ईरानी से इतना क्यों जलते हैं खांग्रेसी और वामी शेखूलर?

06 Jul 16
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Published in Daily Fix

स्मृति ईरानी से इतना क्यों जलते हैं खांग्रेसी और वामी शेखूलर? सबसे अधिक इन देशद्रोहियों को किसी से शत्रुता है तो स्मृति ईरानी जी से, लेकिन क्यों? क्योंकि वे इनकी जड़ में मट्ठा डालना जानती हैं और अब उत्तर प्रदेश में भी विजय का डंका बजाएंगी.

 

इसमें कोई शक नहीं है की मोदी जी के मंत्रिमंडल में अरुण जेटली और स्मृति ईरानी दो ऐसे सदस्य है, जो एक मामले में बराबर है की इनके विरुद्ध, मीडिया और सोशल मिडिया पर सबसे तीव्र प्रतिक्रियाए आती है। बस, इसके बाद से ही दोनों में समानता खत्म हो जाती है। अरुण जेटली के विरुद्ध राष्ट्रवादियों की ज्यादा तीव्र प्रतिक्रियाए आती है और स्मृति ईरानी के विरुद्ध राष्ट्रवादियों के साथ कांगी और वामी की तीव्र प्रतिक्रियाए आती है।

स्मृति ईरानी को लेकर जिन राष्ट्रवादियों को दिक्क्त है, उनको यह समझ लेना चाहिए की आप की दिक्क्त की अभिव्यक्ति, बिना कांगी वामी गिरोह के साथ खड़े दिखाई पड़े, भी की जासकती है। राष्ट्रवादियों की जमात को यह समझना चाहिए की स्मृति ईरानी का विरोध इस लिए नहीं है की उससे हम लोग अच्छे है या हम उससे बेहतर मंत्रालय चला सकते है या फिर वह मोदी के सबसे खराब निर्णयों में से एक है बल्कि ईरानी का विरोध इस लिए है क्यूंकि उसने अमेठी में जाकर गांधी परिवार की गद्दी को ललकारा ही नहीं था बल्कि उनकी गद्दी की चूलें हिला दी थी।

जो आप नहीं देख पारहे है वह, 10 जनपथ के गुलाम देख रहे है। वह देख रहे है की ईरानी के हारने के बाद भी उसके, अमेठी के दौरे, गांधी परिवार से तिगुने है और अगले चुनाव में, अमेठी, गांधी परिवार विहीन हो सकता है। इसी को ही देखते हुए यह कांगी और वामी गिरोह, बराबर स्मृति ईरानी को लेकर कहानी किस्से और शगूफा आपकी महफ़िलो में छोड़ते है। वह आपकी ईरानी के प्रति हेय दृष्टि का खूब फायदा उठा कर, उसकी असफलता का ढिंढोरा गाजे बाजे के साथ बजाते है, जहाँ सबसे ज्यादा नाचते, राष्ट्रवादी ही दिखते है।

यह आपका, अपना दर्शन होगा, आपका अपना दम्भ होगा लेकिन मेरे लिए, कांगी और वामी के हाथ से गुजरा अमृत भी जहर है। मेरी बात से इत्तफाक नहीं रखते है यह आपकी स्वतंत्रता है लेकिन यह याद रखिएगा की "पास की नज़र कमजोर हो तो इबारतें पास कर के पढ़ी जासकती है लेकिन दूर की खराब हो, तो दुनिया चंद फिट के बाद धुंदली ही होती है।"

 
(साभार पुष्कर अवस्थी) 

1 comment

  • Comment Link Anil Kumar Tandale Saturday, 16 July 2016 06:54 posted by Anil Kumar Tandale

    Smriti alone has guts to cut the nose of leftists, congress, jihadis and presstitutes and show them the mirror.

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