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योग पर बवाल

14 Jun 15
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Published in Social Harmony

भारत ने दुनियां को योग से परिचित कराया। योग सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं, यह एक जीने की कला है।

हडप्पा मे हजारों साल पहले विकसित सभ्यता मे भी योग के प्रचलन की जानकारी मिली है। भगवान शिव जिन्हें नटराज भी कहा जाता है, को योग का जनक माना गया है, लेकिन पतंजली ने इसको एक सुत्र में पिरोकर “ योगसुत्र “ की रचना की। पतंजली ने 8 अंगो मे योगसुत्र की व्याख्या की है। ये आठ अंग हैं:
1. यम :- पांच समाजिक नैतिकता
(1) अहिंसा- शब्दों से, विचारों से, कर्मों से किसी को हानि नहीं पहुंचाना।
(2) सत्य- विचारों मे सत्यता, परमसत्य पर स्थित रहना।
(3) अस्तेय- चोर प्रवृति का ना होना।
(4) ब्रह्मचर्य- सभी इन्द्रिय जनित सुखों मे संयम बरतना।
(5) अपरिग्रह- आवश्यकता से अधिक संचय नहीं करना और दुसरों की वस्तुओं की इच्छा ना करना।

2. नियम :- पांच व्यक्तिगत नैतिकता....
(1) शौच- शरीर और मन की शुद्धी।
(2) संतोष- संतुष्ट और प्रसन्न रहना।
(3) तप- स्वयं से अनुशासित रहना।
(4) स्वाध्याय- आत्मचिंतन करना।
(5) ईश्वर-प्रणिधान- ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण, पूर्ण श्रद्धा।

3. आसन :- योगासनों द्वारा शारीरिक नियंत्रण।

4. प्राणायाम :- श्वास लेने सम्बंधी खास तकनिकों द्वारा प्राण पर नियंत्रण।

5. प्रत्याहार :- इन्द्रियों को अंतरमुखी करना।

6. धारणा :- एकाग्रचित्त होना।

7. ध्यान :- निरंतर ध्यान करना।

8. समाधी :- आत्मा से जुडना, शब्दों से परे परम-चैतन्य की अवस्था।


भारत के प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र मे विश्व को सम्बोधित करते हुये सभी देशों से योग को अपनाने की अपील की जिस पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को विश्व योग दिवस घोषित कर दिया। 21 जून को 176 देश भारत के साथ योग दिवस मना रहे हैं। जहाँ एक तरफ दुनियां भर मे योग दिवस के लिये तैयारियाँ हो रही हैं वहीं भारत देश का मुस्लिम समुदाय को इस पर है। आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ ने योग को इस्लाम विरोधी करार दिया है।
जहां एक तरफ दुबई, जॉर्डन, ट्युनिशिया, तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान जैसे मुस्लिम देश योग दिवस जोर-शोर मनाने की तैयारी मे हैं,
International community is all geared up for the Yoga Day
भारत के मुसलमानों का योग बहिष्कार कई सवाल खडे करता है। बहुसंख्यक हिन्दुओं से मेल-मिलाप के बजाय अलगाव का चयन कर क्या संदेश देना चाह रहा है। जो मुसलमान देश योग दिवस मे भाग ले रहे हैं क्या वो सच्चे मुसलमान नहीं ? पाकिस्तान को तो भारत के विरुद्ध जाने का कोई बहाना चाहिये था, ईरान जैसे कट्टर मुस्लिम देश में औरतें योग करती हैं (इस विडियो में देखें https://www.youtube.com/watch?v=4l_jmvfypZU)
वैसे ही पाकिस्तान में भी योग के अनेक केन्द्र चलाये जा रहे हैं, इनमे एक योग केन्द्र तो बना ही महिलाओं के लिये है Indus Yoga Health Club – JOHAR TOWN LAHOR स्थित इस केन्द्र की संचालक अरफा जाहिद हैं। 

सूर्य नमस्कार को मुद्दा बना कर भारतीय मुसलमान इसका बहिष्कार कर रहा है क्या इसे पाकिस्तान परस्ती समझा नहीं समझा जाये ?
आजम खां के बाद मुसलमानो सियासी नेता ओवैसी सूर्य नमस्कार को इस्लाम के खिलाफ बता रहे हैं, उनका कहना है कि इस्लाम में शिर्क गुनाह है, हम सिर्फ एक खुदा की इबादत करते हैं, अगर ऐसा है तो फिर चांद के बारे मे ये क्या कहेंगे ? गत चुनावों में इन्होनें दलित वोट लुभाने के लिये अपनी पार्टी का नारा दिया “ जय मीम, जय भीम “ अगर सूर्य नमस्कार शिर्क है तो जय भीम भी शिर्क है, मगर इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पडता।

अब इस मामले में भारत के सभी मुस्लिम धर्मगुरु कूद पडे हैं और सरकार ने योग दिवस पर कार्यक्रम से सूर्य नमस्कार को हटाने की घोषणा भी कर दी है। भाजपा की सरकारों वाले राज्य नये शिक्षा सत्र से स्कुलों मे योग की शिक्षा अनिवार्य कर रही हैं जिसको लेकर मुस्लिम सम्प्रदाय का आरोप है कि सरकार इस तरह मुस्लिम बच्चों पर जबरन हिन्दु धर्म की शिक्षा थोंपना चाहती है।

मुसलमानों को शिक्षा देने के लिये मदरसे खुले हैं जहां धार्मिक शिक्षा का प्रबन्ध है, सरकारों से अनुदान भी मिलता है विदेशी फंड भी खूब आता है फिर क्यों नही मुसलमान अपनों बच्चों को मदरसों में पढा लेते ? पतंजली के योगसुत्र के अनुसार योग दिवस पर किये जाने वाली क्रियायें सिर्फ आसन हैं जो शारीरिक व्यायाम मात्र हैं।

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