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Politics (39)

Latest and exclusive news about Politics.

17 Jun 15
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Published in Politics

धार्मिक आस्था को लेकर मनुष्य सदैव संवेदनशील रहा है । हर सम्प्रदाय की अपनी-अपनी प्रथायें-मान्यतायें होती हैं । इसी प्रकार सनातन धर्म में गाय को माता तुल्य स्थान प्राप्त है ।

16 Jun 15
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Gajendra Chahuan ('Yushishtir' from famous TV series 'Mahabharat') was appointed the chairperson of FTII (Film and Television Institute of India) last week. This has led to a big protest by the left leaning community and a strike at FTII. Time to examine the true nature of this strike and why the agitation might be a threat to democracy.

02 Jun 15
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From being called a "thumke lagane wali" (one who swings her hips) by Congress leader Sanjay Nirupam to "Kaun hain aap? aap kya hain, main jaanta hoon" (who ARE you? I know well what you are) by Sharad Yadav of JDU, Smriti Irani has braved it all. You see, the easiest way to put down a strong person, is by assassination of their character.

29 May 15
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Smriti Irani is on fire. Too much to handle for Congress, or its re-launched poster boy Mr. Rahul Gandhi. She stands by IIT Madras and has challenged  Rahul Gandhi to a public debate instead of hiding behind his 'goons' in NSUI.

23 Apr 15
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AAP के अजीबों गरीब कारनामे सुर्ख़ियों में बने रहते हैं। पैसे देकर पत्थर फिकवाने से लेकर अंडे और स्याही फिकवाने तक मीडिया की बहसों का हिस्सा बने रहते हैं। पर इस बार उनका राजनीतिक स्टंट बुरी तरह से गलत चला गया जब इसमें एक इंसान की जान चली गयी। जो तथ्य सामने आये हैं, वे AAP की नियत पर बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। उनमें से कुछ संलग्न हैं :

1) सुबह , केजरीवाल ने पुलिस से मीडिया को रैली में आने नहीं देने को कहा।

2) गजेन्द्र सिंह एक स्थापित व्यवसायी थे जिनकी खुद की वेबसाइट है , ना की वो एक किसान थे।

3) ये एक रहस्य है की जो इंसान पेड़ पर लटक कर अपनी जान देना चाहता था , उसने अपने साथ में झाड़ू क्यों रखी थी?

(गजेन्द्र के हावभाव को देखकर लगता नहीं की वह आत्महत्या करने गया था)

4) जब उसने अपने आप को लटकाया , कुमार विश्वास उस वक्त भाषण दे रहे थे, उन्होंने कहा - "लटक गया?"

5) गजेन्द्र सिंह की मृत्यु के बाद भी AAP नेता और केजरीवाल ने रैली और बाकी किसानो को उकसाने का काम जारी रखा

6) जो सुसाइड नोट था उसमे नाम 'उपेन्द्र' को काटकर गजेन्द्र लिखा गया । क्या कोई आत्महत्या करने जा रहा व्यक्ति अपना ही नाम गलत लिख सकता है ? खैर , फिर भी कुमार विश्वास ने भावनात्मक मोड़ देने के लिए उसे मंच से पढ़ा।

7) गजेन्द्र के घरवालों ने खुलासा किया की उनकी मनीष सिसोदिया के साथ बातचीत चल रही थी और उनसे 11 बजे(रैली के ठीक पहले ) मिले भी थे

8 ) गजेन्द्र के परिवार का कहना है की वो हैंडराइटिंग (जो सुसाइड नोट पर थी) , वो उनकी नहीं थी

9) "वो एक सकारात्मक और मज़बूत व्यक्ति था, ऐसा लगता है उन्हें रैली में किसी ने भड़काया था " - सुरेन्द्र सिंह , गजेन्द्र के रिश्तेदार.

"गजेंद्र तो बस किसानों की अवाज़ उठाना चाहते थे, AAP के लोगों ने उन्हें ये कदम लेने पर उकसाया" - गजेन्द्र के परिवारवाले |

 

10) पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने खुद माना है की 2011 में जब केजरीवाल उनसे मिले थे तब सरदेसाई ने केजरीवाल को सलाह दी थी की दिल्ली में 'तहरीर चौक' जैसी परिस्थिति पैदा करे तभी जनलोकपाल आन्दोलन सफल होगा. दिल्ली के एक मौलाना ने भी माना की केजरीवाल उनसे मिले थे और बहुत सारे लोगों का इंतजाम करने को कहा था और यह भी कहा था की वे दिल्ली में 'तहरीर चौक' जैसी परिस्थिति चाहते है.

इससे साफ़ है की केजरीवाल अपने आन्दोलन को सफल बनाने के लिए ड्रामा परिस्थिति पैदा करते है और शायद इस बार गजेन्द्र सिंह भी इस प्लान का हिस्सा था.

लोगों का कहना है की गजेन्द्र सिंह को बोला गया था की आत्महत्या की एक्टिंग करे और फ़ासी के लिए गमछे को इस्तेमाल करने को कहा गया था और प्लान ये था की 'आप' के कार्यकर्ता तुरंत गजेन्द्र को बचा लेंगे और फिर उसे मंच पर लाया जायेगा.

लेकिन जैसा तय था उसके उलट हो गया और गजेन्द्र सच में मर गया.


 श्री गजेन्द्र तो एक व्यवसायी थे जिनके खुद के अलग राजनीतिक मतलब थे। BJP,SP और कांग्रेस से जुड़े रहने के बाद अब AAP में अपनी किस्मत आज़माना चाहते थे।एक सोचा समझा स्टंट जो बुरी तरह से गलत हो गया , उसमे इन्हें रखा गया। योजना के मुताबिक उसे सुसाइड से रोके जाने पर उसे मंच पर लाकर वो चिट्ठी जो की बाद में सुसाइड नोट केहलाई, वह पढ़ना था । पर जब तक यह पता चलता की योजना बुरी तरह गलत हो गयी , बहुत देर हो चुकी थी । और देश के लोगों के सामने AAP का अमानव चेहरा फिर सामने आ गया।

दिल्ली पुलिस ने इस केस में कुछ अज्ञात लोगों पर IPC के Sec 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और Sec 186 (सरकारी काम में बाधा डालना) लगाई है। 

 

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