JNU के वामपंथी पिशाच उमर ख़ालिद ने इस्लामी राक्षस बुरहान वानी का किया नंगा समर्थन!

11 Jul 16
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Published in Daily Fix

JNU के वामपंथी पिशाच उमर ख़ालिद ने इस्लामी राक्षस बुरहान वानी का किया नंगा समर्थन! लेकिन उस नीच आतंकी का समर्थन करने वाले उमर खालिद पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है मोदी सरकार. 

 

आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर पर कश्मीर घाटी में बवाल मचा हुआ है. अब जेएऩयू में देश विरोधी नारे लगाने वाले उमर खालिद उसे शहीद साबित करने की कोशिश कर रहा है.

उमर खालिद ने अपने फेसबुक पोस्ट पर बुरहान की तुलना लैटिन अमेरिकी क्रांतिकारी चे ग्वेरा तक से कर दी. पोस्ट पर बवाल बढ़ा तो उमर ने उसे हटा भी दिया. अब सवाल ये है कि आखिर आतंकी बुरहान वानी को शहीद बताने वाले उमर खालिद पर कार्रवाई क्यों नहीं ?

उमर खालिद ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, ”मुझे अपने मरने का कोई गम नहीं होगा अगर मेरे मरने के बाद कोई मेरी बंदूक उठा ले और गोली चलाना जारी रखे – चे ग्वेरा, ये चे के शब्द हैं लेकिन बुरहान वानी के भी हो सकते थे. बुरहान मौत से नहीं डरता था, वो गुलामी की जिंदगी से डरता था, वो इससे नफरत करता था, वो एक आजाद इंसान की तरह जिया और एक आजाद इंसान की मौत भी मरा, तुम ऐसे लोगों को कैसे हरा आगे जिन्होंने अपने डर को दिया है ? तुम्हारे अरमानों को ताकत मिले बुरहान”

उमर ने ये पोस्ट कश्मीर में मारे गए आतंकी बुरहान वानी के समर्थन में लिखा है, उमर खालिद के इस पोस्ट से आतंकी बुरहान वानी के प्रति उसकी हमदर्दी साफ झलक रही है, सवाल ये है कि एक आतंकी के लिए ऐसी हमदर्दी क्यों.

वैसे आदमी के लिए हमदर्दी क्यों जो भारत के कानून को भारत की सेना को लगातार चुनौती देता रहा. जिसके सिर पर 10 लाख रुपए का इनाम था. जिसने सुरक्षाबलों पर हमले की धमकी दी जिसने सैनिक कॉलनियों पर हमले की धमकी दी. जिसे हिजबुल मुजाहिदीन ने अपना पोस्टर ब्वॉय बनाया, आखिर उससे हमदर्दी क्यों ?

उमर खालिद के फेसबुक पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मचा. यहां तक की जेएनयू छात्र संघ भी बंट गया लेकिन बावजूद इसके उमर खालिद ने अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया. उसने एक और पोस्ट लिखा.

उमर ने अपने दूसरे पोस्ट में लिखा, ”ट्रोलर आर्मी, मैं हार मानता हूं, तुम सैकड़ों का सामना मैं अकेला कैसे कर सकता हूं, हां मैं गलत था, मुझे वानी की मौत की खुशी में तुम्हारा साथ देना चाहिए था, देशद्रोही, गद्दार, आतंकी…मुझे माफ करना, कल से मैं तुम्हारी राष्ट्रवाद की मर्दानगी को संतुष्ट करने में मदद करूंगा, मैं हत्याओं, रेप और टॉर्चर, गायब कर देने, AFSPA और सब चीजों की खुशी मनाऊंगा, कल से मैं भी कमजोरों को सताकर खुश और ताकतवर बनने वाली आपकी भीड़ का हिस्सा हो जाऊंगा, पर मेरे राष्ट्रवादी दोस्तों मुझे एक चीज बताना कि क्या इससे कश्मीर में जमीनी हालात बदल जाएंगे ?”

ये वही उमर खालिद है जिस पर जेएऩयू में देशद्रोही नारे लगाने का आरोप है. जिसके खिलाफ देशद्रोह का केस चल रहा है और अब ये आतंकी को शहीद बता रहा है तो सवाल ये है कि उमर खालिद के खिलाफ कार्रवाई क्यों ना की जाए ?

(साभार एबीपी न्यूज़) 

 

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