×

Warning

JUser: :_load: Unable to load user with ID: 10868

नेताजी पर रहस्य

08 Jul 15
Written by
Published in Indian History

नेता जी सुभाषचंद्र बॉस की पर हम लोगो ने काफी कुछ पढ़ा है। बचपन मे पढ़ी इतिहास की किताबों मे नेता जी की कहानी को हम से हमेशा से दूर रखा गया था और कही उन के विषय मे कुछ लिखा हुआ था भी तो उस मे झूठ ही लिखा गया था।

नेता जी पर कुछ टॉप सीक्रेट फ़ाइल सार्वजनिक होने के बाद कहानी कुछ इस तरह हो गयी है कि कॉंग्रेस के भजन कीर्तन से क्रांति नही आ सकती और न इस से देश आज़ाद होगा इसलिए इस को समझते हुए नेता जी कॉंग्रेस से अलग हो गए थे और देश के युवाओ को " तुम मुझे खून दो मैं तुम को आज़ादी दूंगा" का नारा दे कर नेता जी अंग्रेज़ो से युद्ध की तैयारी करने लगे थे, जिस के बाद नेता जी को अंग्रेज़ो ने उन के घर मे नज़रबंद कर दिये था। परंतु देश के लिए अपना सब कुछ समर्पित करने वाले नेता जी ने भेष बदल कर बंगाल से अफगानिस्तान के काबुल शहर मे रूस के दूतावास की मदद अफगानिस्तान छोड़ कर दिये थे। जिस के बाद नेता जी जर्मनी और जापान गए। जहां उन्होने हिटलर से मुलाक़ात की और उस से भारत के अंग्रेज़ो पर हमला करने की बात की और उस से हथियार और सेना मांगी। फिर बाद मे नेता जी ने रासबिहारी बोस जी की मदद से अंग्रेज़ो के लिए लड़ रहे भारतीय सैनिको मे देश के प्रति देशप्रेम जागा कर और आत्मसम्मान जगा कर "आजाद हिन्द फौज" बनाई।

जिस के बाद आजाद हिन्द फौज ने अँग्रेजी सेना पर हमला कर दिया था। जिस समय आजाद हिन्द फौज वर्मा के जगलों मे अँग्रेजी- भारतीय सेना से जंग कर रही थी उस समय कॉंग्रेस देश के लोगो का ध्यान नेता जी से हटा कर देश के युवको का जोश बर्बाद करने का काम कर रही थी।

आज़ाद हिन्द फौज उस समय कई मुसबितों का सामना कर रही थी -

1 - उस के पास राशन और हथियारो की कमी थी
2 - उस समय देश मे कभी भी बारिश नही होती थी परंतु जिस समय फौज ने अँग्रेजी सेना पर हमला की उस समय आजाद हिन्द फौज जंगल मे थी और उस समय बेमौसम बारिश होनी शुरू हो गयी जिस के कारण फौज बीमार होने लगी
3 - उस ही समय बंगाल मे अकाल पड़ रहा था।

नेता जी एक रंगून मे एक सभा की जिस मे नेता जी की बात सुन कर लोगो ने नेता जी को अपने पैसे राशन लड़के आदि सब कुछ दे दिया । नेता जी के कुछ जासूस अंग्रेज़ो की छावनी मे जाते थे जहां से वह हथियार चुरा के भी लाते थे। उन के जासूसो पर अभी एक Documentary The EPIC Channel चैनल ने अपने सिरियल अद्रश्य मे दिखाया था। नेता जी के पास लोगो के दिये हुए पैसे थे, औरतों के जेवर-गहने यहाँ तक की मंगलसूत्र तक दान मे आए थे। आज़ाद हिन्द फौज के खजाने फौज के लिए काफी पैसे भी आए थे।

उस के बाद फौज ने एक लड़कियों की बटालियन भी बनाई जिस की कैप्टन डॉक्टर लक्ष्मी शहगल को बनाया गया था। फौज के काम की जानकारी आम जनता तक कॉंग्रेस नही आने दे रही थी और न ही अंग्रेस क्यूकि उन को डर था कि अगर आज़ाद हिन्द फौज के काम के विषय मे आम जनता को पता चल गया तो देश के लोग कॉंग्रेस के भजन कीर्तन को छोड़ कर फौज के साथ मिल कर अंग्रेज़ो को मर भागा देंगे। और कॉंग्रेस की ड्रामेबाजी लोग छोड़ देंगे क्यूकि वह सिर्फ देश के लोगो का समय बर्बाद कर रही थी।

आज़ाद हिन्द फौज ने भारत के कई हिस्से को अंग्रेज़ो से आज़ाद करवा दिया था। लेकिन तभी अमरीका ने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम डाल दिये थे जिस के बाद जापान सेना ने आजाद हिन्द फौज की मदद करने से मना कर दिया।

जिस के बाद नेता जी ने अपनी सभी फौज को डिस्मिस कर दिया था। फौज के जवान को अंग्रेज़ो ने पकड़ लिया था। इस की खबर मिलते ही अलग-अलग देशो मे अंग्रेज़ो के लिए लड़ने वाले भारतीय सैनिक देश मे वापस आ गए थे और वह इंतज़ार कर रहे थे कि अब फौज के साथ क्या होगा ? अंग्रेज़ो को डर था कि अगर हम ने फौज के जवानो को फांसी दे दी तो हमारी फौज के भारतीय सैनिक और विदेशो से आए सैनिक और देश की जनता बगावत कर सकती है इसलिए उस ने किसी भी जवान को फांसी नही दी।

तभी खबर आई कि नेता जी का हवाईजहाज दुर्घटनाग्रस्त हो गया है जिस पर नेता जी के भाई ने बोला था कि ऐसा हो ही नही सकता उन को रूस की आर्मी ने पकड़ा दिया है और बाद मे नेहरू के कहने पर उन को जहर दे कर मर दिया गया।

अब इस बात की पुष्टि इसलिए भी होती है कि हाल ही मे आई रिपोर्ट के अनुसार नेता जी की जासूसी आज़ादी के बाद तक नेहरू ने कारवाई थी और अभी फिर एक रिपोर्ट आई है कि आज़ाद हिन्द फौज के खजाने को भी नेहरू ने लूटने दिया था।

मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ कि हमारे बच्चे अपनी किताबों मे अब सच पढे, हमारी तरह झूठ नही जय हिन्द।
वंदे मातरम।

Leave a comment

Make sure you enter the (*) required information where indicated. HTML code is not allowed.