Christian evangelical organisations work for conversion, not charity, suggested Sarsanghchalak Mohan Bhagvat in what became a raging controversy. He stands vindicated time and again with the acts of Soul Harvesters feasting upon the heathens with their book and their bigotry, the latest of which can be seen post Nepal disaster these days.

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"मैं इन हिन्दुओं को मंदिरों में चढ़ाव और प्रसाद चढाते देखता हूँ। मैं प्रभु ईशु से प्रार्थना करता हूँ की वो इन हिन्दुओं का विशवास ख़त्म करें, उनकी इस दिनचर्या पे रोक लगायें। हिन्दुओं को इनके राक्षसी देवी - देवों की  पूजा से मुक्ति दिलाएं और उन्हें ईशु की प्रभुता में प्रवेश करवाएं ।"
-- एकेबालो ईशु प्रोजेक्ट भारत ।

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Thursday, 08 January 2015 11:52

धर्मान्तरण

स्वर्गलोक में एक आदर्श गाँव था ,गाँव तो वैसे कई थे मगर उन सभी में आदर्श यही था वहां के लोग सूखपूर्वक रहते थे

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